नगर के श्री चन्दन लाल नेशनल इंटर कॉलेज में महान साहित्यकार, गांधीवादी विचारक एवं स्वतंत्रता सेनानी धर्मपाल कंसल का जन्म शताब्दी पर भवय समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी धर्मपाल कंसल की याद में पुस्तकालय का उद्धघाटन भी किया गया। कार्यक्रम में कई राजनेताओं, शिक्षाविदों व साहित्यकारों ने भाग लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में बागपत से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर सत्यपाल सिंह, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर महेश शर्मा, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति डॉक्टर एनके तनेजा, पूर्व डीजीपी आरएन सिंह, पूर्व केवीआइसी के चेयरमैन डॉक्टर यशवीर सिंह, पूर्व एमएलसी चौधरी विरेन्द्र सिंह व भाजपा केंद्रीय परिषद सदस्य मृगांका सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुंभारंभ किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि धर्मपाल कंसल जैसी विराट शख्सियत के व्यक्ति तथा अग्रिम पंक्ति के साहित्यकार व स्वतंत्रता सेनानी थे वैसी पहचान उनको नहीं मिली। उनका साहित्य भारत के प्राचीन वैभव तथा वर्तमान की चुनौतियों से निपटने की राह सुझाता है। उन्होंने धर्मपाल शोध पीठ के सहयोग से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति से उनके साहित्य तथा जीवन परिचय को विषय के रूप में विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने तथा उनके साहित्य चिंतन पर आधारित निबंध प्रतियोगिता का आयोजन कर युवाओं तथा वर्तमान पीढ़ी को उनके कार्यों तथा साहित्यिक सेवा से परिचित कराने का आह्वान किया।

इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी धर्मपाल के नाम पर एक पुस्तकालय का उद्धधाटन अतिथियों के द्वारा किया गया। समारोह की अध्यक्षता चौधरी विरेन्द्र सिंह व संचालन अंशिका राज तथा राजेन्द्र चौहान ने किया। इस दौरान गीता धर्मपाल, पवन कंसल, तरूण कंसल, अरविन्द कंसल, दिनेश चन्द गुप्ता, हरबीर सिंह मलिक, डॉक्टर ओमपाल, अजय सिरोही, प्रदीप पंवार सहित सैकडों लोग उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति ने पत्र भेजकर किये श्रद्धासुमन अर्पित
काधला। नगर के महान साहित्यकार, स्वतंत्रता सेनानी, गांधी विचारक धर्मपाल कंसल के 100वे जन्मदिन पर देश के उपराष्ट्रपति ने भी पत्र भेजकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उन्हें खुशी है कि गांधी रिर्सच फाउंडेशन जलगांव महाराष्ट्र द्वारा स्वतंत्रा सेनानी व गांधी विचारक धर्मपाल का जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। गांधी जी के साथ उनका सत्याग्रह व उनका साहित्य प्रेरणादायक है।